50% चली गई नौकरियां करोना कॉल में,CMIE ने बताया है अपने बड़े खुलासे में

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50% चली गई नौकरियां करोना कॉल में,CMIE ने बताया है अपने बड़े खुलासे में नौकरिया  भी नहीं मिली। 

 साल 2020  जुलाई में लगभग 50 लाख नौकरियाँ कोरोना का लेने में चली गयी है । लॉकडाउन में नौकरिया और बेरोज़गारी 

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का असर सबसे ज्यादा महिलाओं और युवाओं पर पड़ा था। इतना ही नहीं महिलाओं की जो बेरोजगारी थी युवाओं से दुगना आकी गई है।

 Centre for Monitoring Indian Economy Pvt. Ltd (CMIE) के सर्वे के अनुसार पिछले साल केवल जुलाई के महीने में तकरीबन 50 लाख नौकरियाँ गयी थी। लॉकडाउन में देखा जाए कि बेरोजगारी के मामले में युवाओं से महिलाओं की संख्या दुगनी रही है।

महिलाओं की बेरोजगारी की जनसंख्या दुगनी हुई है अभी भी लगभग बरकरार बनी हुई है वापस नौकरिया ना मिलने की वजह से लोगों में काफी झगड़े और काफी विवाद परिवारिक हो रहे हैं मुश्किलों का जो सामना महिलाओं और पुरुषों में किया जा रहा है वह सबसे ज्यादा है नौकरियों का उनका एक दिन का खर्चा चलाना भी मुश्किल पड़ रहा है।

 

आपको जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल मार्च में कोरोना  की वजह से देश में भारी लॉकडाउन की घोषणा की गई थी लॉकडाउन की  वजह से  कई लोगों की नौकरियां और रोजगार उसी दौरान छीन गए थे और साथ ही देश में बेरोजगारी दर  करीब 30 फ़ीसदी तक डाउन हो गया था हालांकि अब कोरोनावायरस के हालात तो थोड़े ठीक हो रहे हैं लेकिन बता दें कि फिर भी करीबन 50 फ़ीसदी लोगों को वापस नौकरी नहीं मिली यह खुलासा Centre for Monitoring Indian Economy Pvt. Ltd (CMIE) के सर्वे में किया गया है।

युवाओं की तुलना में महिलाओं को दुगुना बेरोजगारी 

Centre for Monitoring Indian Economy Pvt. Ltd (CMIE) की सर्वे में खुलासा किया गया था कि पिछले साल सिर्फ जुलाई के महीने में करीब 50 लाख नौकरियां चली गई थी लॉकडाउन में बेरोजगारी की मार झेल रहे लोगों में सबसे ज्यादा महिलाओं और युवाओं पर थी इतना ही नहीं महिलाओं का बेरोजगारी दर युवाओं की तुलना में दुगना था एक सर्वे के अनुसार 15 से 24 साल की उम्र के करीब 35% लोग बेरोजगार हुए थे दोस्तों जिनमें से करीब 24% लोगों को वापस नौकरी मिल गया थी ।

  लेकिन उनको पहले की तुलना में काफी कम पैसे दिए जाने भी लगे है  वहीं करीब 35 से 40 साल की उम्र समूह में लोगों की दर युवाओं की तुलना में कम रही 35 से 44 साल के लोगों के बीच बेरोजगारी दर करीब 7% था वहीं करीब 28% लोगों को हालात ठीक होने के बाद रोजगार वापस मिल गया था लॉकडाउन में घटी अर्थव्यवस्था की वजह से पिछले साल अप्रैल के महीने में करीब 9.1 करोड़ छोटे व्यापारियों और दिन  दिहाड़ी मजदूरों का रोजगार छिन गया था।

हालांकि  Centre for Monitoring Indian Economy Pvt. Ltd (CMIE) की सर्वे के अनुसार यह भी खुलासा हुआ है की हालात में सुधार होने के बावजूद रोजगार की दर बहुत गिर गई है 53.4% कामगारों पर लॉकडाउन का कोई असर नहीं पड़ा था. Centre for Monitoring Indian Economy Pvt. Ltd (CMIE) कि अनुसार दिसंबर 2020  में बेरोजगारी दर करीब 9% आई थी जबकि नवंबर 2020 महीने में बेरोजगारी दर करीबन 6.5% थी साथ ही जो गांव के इलाके में बेरोजगारी दर करीब 9% दर्ज की गई थी नवंबर के महीने में करीब 3500000 लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ गया था।

बेरोजगारी के आंकड़ों की जो मामले सामने आ रहे हैं Centre for Monitoring Indian Economy Pvt. Ltd (CMIE) के आंकड़ों पर काफी भरोसा भी किया जाता है लोगों का इस कंपनी पर पूरा विश्वास है की यह जानकारी सटीक और सही दी गई है।

NOTE:- यदि आपका कोई सुझाव या टिप्पणी है तो हमें कमेंट बॉक्स में आप कमेंट कर सकते हैं।

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